February 10, 2018

अपनी बुद्धि का सार्वजनिक प्रदर्शन ना करें - Motivational Thoughts Hindi


बुद्धि अंदर पहने जाने वाली कपड़ों की तरह होती है। यह हर इंसान के पास होनी जरूरी है। लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है​ कि इंसान उसका सार्वजनिक प्रदर्शन ना करे। बार-बार अपनी बुद्धि का प्रदर्शन करने से आप उसकी महत्ता को खो देते हैं। फिर वह बुद्धि नहीं रहकर दिखावा हो जाती है। ​किसी भी चीज के बार बार प्रदर्शन से लोग बोर हो जाते हैं। अंत में एक समय ऐसा आता है कि लोग उसकी तरफ देखना भी पसंद नहीं करते।

सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं करें
हर इंसान बुद्धिमान होना चाहता है। लेकिन हर इंसान अपनी बुद्धिमानी को पचाना नहीं जानता। लिहाजा वह जब तब उसका प्रदर्शन करने पर उतारू हो जाता है। यहीं पर वह मात खा जाता है। बुद्धि आपके व्यवहार को संयमित करती है। वह इंसान को व्यवहारिक बनाती है। बुद्धि समाज में उसे पहचान दिलाती है। बुद्धि के बल पर ही इंसान अपने आप को समाज में स्थापित कर सकता है। सफलता पा सकता है। लेकिन बुद्धि का अत्यधिक उपयोग उसे हाशिए पर भी ला देता है। इस​लिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल तो करें, लेकिन उसका सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं करें।

सतर्क रहें और समय पर इस्तेमाल करें
बुद्धि इंसान को विवेकशील बनाती है। आप अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए सतर्क जरूर रहे। जहां स्वहित,परहित या सार्वजनिक हित में जरूरत हो आप अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें। इससे सोसायटी में आपकी एक अलग पहचान बनेगी। लेकिन इसका बेजा इस्तेमाल आपको अपनों से दूर कर देगा। वहीं अन्य लोग भी आपसे किनारा करने में देर नहीं लगाएंगे। जहां रिश्ते दिल के हों वहां बुद्धि का इस्तेमाल ना ही करें तो बेहतर होगा। लेकिन जहां रिश्ते दिमाग के हो वहां इसका भरपूर उपयोग करें।

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