January 20, 2018

ज़िंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है - Special Thoughts


ज़िंदगी की असली उड़ान बाकी है, ज़िंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है, अभी तो नापी है मुठ्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है

भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है, जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको अपने से बेहतर कोई नहीं जानता

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलु ज़िंदगी का इम्तेहान होता होता है, डरने वालो को मिलता नहीं कुछ ज़िंदगी में, पर लड़ने वालों के कदमों में सारा जहांन होता है 

जब टूटने लगे हौसले तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते, ढून्ढ लेना अंधेरों में मंज़िल अपनी, जुगनू कभी रौशनी के मोहताज नहीं होते 

खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ना बाकी है, जमीं नहीं है मंज़िल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है, लहरों की ख़ामोशी को समुन्दर की बेबसी मत समझ ए नादाँ, जितनी गहराई अंदर है, बाहर उतना तूफ़ान बाकि है 

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