February 10, 2018

किसी को गलत समझने से पहले उसके हालात जरूर देखें


किसी को भी गलत समझने से पहले एक बार उसके हालात समझने की कोशिश जरूर करें। हो सकता है कि हम सही हों, लेकिन महज हमारे सही होने से तो सामने वाला गलत नहीं हो सकता है। क्योंकि सभी के हालात जुदा होते हैं। यह जरूरी नहीं है कि उनकी जानकारी सभी को हो। किसी के भी निर्णय पर उंगली उठाने से पहले उसकी तह में जाएं।

मनमर्जी के मुताबिक राय नहीं बनाएं
अक्सर हम दूसरे के बारे में अपनी मनमर्जी के मुताबिक राय बना लेते हैं। उस समय हम सामने वाले की परिस्थितियों पर लेशमात्र में भी विचार नहीं करते। हम राय अपनी सुविधा के अनुसार बनाते हैं। सामने वाले की जो आदतें, बातें या चीजें हम अच्छी लगती हैं। वे अगर हमें फेवर कर रही है तो उसके बारे में हमारी राय सकारात्मक होती है। वहीं जिसकी आदतें, बातें व चीजें हमें अच्छी नहीं लगती है। वे अगर हमारे खिलाफ जा रही हैं तो उसके बारे में हमारी राय नकारात्मक हो जाती है। लेकिन किसी के बारे में राय कायम करने के लिए महज इन दो फ्रेम को ही आधार नहीं बनाना चाहिए। बल्कि सामने वाले की बातों व चीजों के बारे में तार्किक रूप से विचार करते हुए उसके बारे में राय बनाएं।

हर आदत अच्छी नहीं होती तो बुरी भी नहीं होती
किसी के बारे में धारणा बनाने से पहले यह जरूर देखें कि वह ऐसा क्यों है। उसकी क्या मजबूरियां हैं। वह ऐसा क्यों कर रहा है। इन सब बातों की तह में जाएं और उन्हें समझने का प्रयास करें। अगर उसकी आदत लोकाचार या सामान्य व्यवहार के अनुरूप है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। फिर चाहे वह आपको अच्छी लगे है या नहीं। वहीं आपको अगर अपनी हर आदत, बात या चीज अच्छी लग रही है तो जरूरी नहीं कि वह सामने वाले को भी भाए। हो सकता है कि आपकी आदतें, व्यवहार, बातें और चीजें सामान्य लोकाचार के खिलाफ हो। उन पर भी आप तार्किक रूप से विचार करें। अगर गलत हैं तो उन्हें बेहिचक स्वीकार करते हुए उनमें तत्काल बदलाव करें। अन्यथा आपके बारे में भी नकारात्मक राय कायम होने में समय नहीं लगेगा।

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