January 30, 2018

बहुत जरूरी है विकल्पों पर विचार - Success Mantra


जिंदगी में हर किसी को कई तरह के निर्णय करने पड़ते हैं। ये निर्णय आपकी समझ, दूरदर्शिता और न्यायिक शक्ति के परिचायक होते हैं। किसी भी मामले में आपका एक गलत निर्णय आपको लोगों की नजरों में गिरा देता हैं। वहीं सही निर्णय सिर आंखों पर बिठा देता है। किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले हमें उसके सभी विकल्पों पर विचार जरूर कर लेना चाहिए। 

आपकी पहचान होते हैं निर्णय
आपके निर्णय आपकी पहचान होते हैं। आपको कहीं पर परिवार के मुखिया के तौर पर तो कहीं पर समाज के मुखिया के तौर पर निर्णय करना होता है। आॅफिस में आपको बतौर बॉस तो राजनीति में बतौर लीडर निर्णय लेने पड़ते हैं। आपके ये निर्णय घर, परिवार और समाज पर गहरा प्रभाव डालते हैं। आपका निर्णय गलत होने का मतलब का आपकी प्रतिष्ठा को धक्का लगना। आप पर से लोगों का विश्वास उठना। आपकी छवि अपरिपक्व इंसान की बनना। आपका एक गलत निर्णय आपको बरसों पीछे धकेल देता है।

सभी पहलुओं पर करें विचार
हमें अपनी जिंदगी में दिन प्रतिदिन परिवार, समाज और कार्यस्थल पर कई तरह के निर्णय लेने पड़ते हैं। बहुत सी बार होता है कि हमारे सामने ऐसी पेचिदा स्थिति पैदा हो जाती है जिससे निर्णय लेना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में हमसे कई बार गलत निर्णय भी हो जाता है, जिसका बाद में हमें पछतावा होता है। इससे बचने के लिए आपको चाहिए कि कोई भी निर्णय लेने से पहले उसके अन्य पहलुओं के साथ उसके विकल्पों पर भी विचार कर लेवें। इससे निर्णय लेने में आसानी होगी और भविष्य के लिए अच्छा साबित होगा।

क्यों जरूरी है वि​कल्प
किसी भी निर्णय से पहले विकल्पों पर विचार इसलिए बेहद जरूरी है कि अगर आपका कोई निर्णय गलत भी साबित होता है तो आप तत्काल दूसरे विकल्प पर जा सकते हैं। विकल्पों के अभाव में हम एक ही निर्णय पर अटक जाते हैं। इससे मसले उलझ जाते हैं और स्थिति और पेचिदा हो जाती है। जब भी निर्णय करें तो उसके विकल्पों पर विचार करके रखें। लेकिन वो विकल्प आपके निर्णय के बिल्कुल उलट नहीं होने चाहिए। बल्कि आपके पूर्व के निर्णय के आसपास ही होना चाहिए। यानी कि वह मामूली फेरबदल के साथ लागू होने वाला होना चाहिए। उसमें आपकी मत भिन्नता नजर नहीं आनी चाहिए। बल्कि वो बदलाव सुधार के साथ वाला निर्णय प्रतीत होना चाहिए।

कठोर निर्णय से पहले पूरी तहकीकात करें
जब आप किसी निर्णय को अंतिम रूप देेने जा रहे हों उससे पहले उसकी पूरी तहकीकात कर लें। क्योंकि अमूमन कठोर निर्णय कई बार बदले नहीं जा सकते। अगर हम उन्हें बदलने का प्रयास भी करते हैं तो वे और उल्टे पड़ जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि निर्णय से पहले उसके आगा पीछा पूरा देखें।

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