May 7, 2021

Chanakya Niti : इन 4 बातों को गुप्त रखने में ही है आपकी भलाई

Chanakya Niti: चाणक्य ने अपने अनुभवों और ज्ञान से चाणक्य नीति पुस्तक की रचना की। जो आज विश्व प्रसिद्ध है। इनकी नीतियां काफी व्यवहारिक हैं और आज के समय के हिसाब से एक दम सटीक बैठती हैं। चाणक्य ने मानव समाज से जुड़ी हर एक चीज के बारे में विस्तार से बताया है। जिससे भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। यहां हम जानेंगे चाणक्य की उस नीति के बारे में जिसमें उन्होंने कुछ ऐसी बातें बताई हैं जिसे इंसान को हमेशा गुप्त रखना चाहिए। जानिए क्या है वो बातें….

chanakya niti in hindi
Chanakya Niti


श्लोक: अर्थनाशं मनस्तापं गृहिणीचरितानि च।

नीचवाक्यं चाऽपमानं मतिमान्न प्रकाशयेत्।।


अर्थनाशं यानी आर्थिक हानि- चाणक्य नीति अनुसार, यदि आप को किसी प्रकार की आर्थिक हानि हुई है तो इस बारे में कभी किसी को नहीं बताना चाहिए। क्योंकि जिस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है लोग उसकी मदद करने से डरते हैं। या यूं कहें कि उसका साथ छोड़ने लगते हैं। इसलिए ऐसी बातों को हमेशा गुप्त रखने में ही भलाई होती है।


मनस्तापं यानी मन का दुख- चाणक्य नीति कहती है कि मन का संताप किसी को जाहिर नहीं करना चाहिए। क्योंकि लोग आपके दुख को समझने के बजाय उसका मजाक बना सकते हैं जिससे यह दुख और भी अधिक बढ़ जाएगा। इस बारे में संत रहीमदास जी ने भी एक दोहे के जरिए कहा है – रहिमन निज मन की व्यथा मन ही राखो गोय, सुन इठलइहैं लोग सब बांट न लइहैं कोय।।


गृहणीचरितानि यानी पत्नी का चरित्र- तीसरी बात जो हमेशा गुप्त रखनी चाहिए वो है गृहणी का चरित्र। कहते हैं समझदार पुरुष अपनी पत्नी के चरित्र के बारे में किसी को कुछ नहीं बताते हैं। जो पुरुष अपनी पत्नी के साथ हुए झगड़े, सुख-दुख आदि बातों को दूसरों के सामने जाहिर कर देते हैं उन्हें भयंकर मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।


नीचवाक्यं चाऽपमानं यानी अपशब्द और अपमान- चाणक्य ने कहा है अपने साथ हुए अपमान या बोले गए अपशब्दों के बारे में किसी को भी नहीं बताना चाहिए। क्योंकि ऐसी बातें दूसरों को पता चलने से खुद की प्रतिष्ठा कम होती है और लोग आपका मजाक बनाने लगते हैं।