April 2, 2018

कर्म की चाल देखकर बदलता है भाग्य - Hindi Story


सफलता भाग्य पर नहीं कर्म पर निर्भर करती है। कर्म वास्तव में अगर सकारात्मक हैं तो भाग्य को बदलते देर नहीं लगती है। भाग्य भी कर्म की चाल देखकर अपना रास्ता बदल देता है। कर्म ही नहीं है तो भाग्य भी साथ नहीं देता है। क्योंकि भाग्य भी आपकी इच्छाशक्ति और कर्मभावना को परखता है। भाग्य का सीधा जुड़ाव आपकी भावनाओं से जुड़ा हुआ है। जीवन में अपनी 'भूल' को कभी पकड़कर मत बैठो बल्कि उसे 'भूलकर' आगे बढ़ो। सफलता आपको रास्ते में ही मिल जाएगी।

बार बार पीछे मुड़कर ना देखें
जीवन में कभी भी बार बार पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। जो हो गया सो हो गया। उसे भूल जाओ। वह लौटकर नहीं आने वाला है। जो लोग पीछे देखकर आगे कदम बढ़ाते हैं वो अक्सर गिर पड़ते हैं। क्योंकि उनके मन में एक अज्ञात भय रहता है। वो अपने कदम डरते हुए बढ़ाते हैं। उनमें आत्मविश्वास का अभाव झलकता है। आत्मविश्वास का अभाव असफलता का प्रमुख कारण होता है। जीवन में बार बार अपने फैसले ना बदलें और ना ही अतीत में झांकें।

अवसरों को कैच करें
हर इंसान के पास जीवन में दो ही स्थितियां होती हैं। चाहे तो 'भाग लो' यानी 'मैदान छोड़ दें' या ​फिर 'भाग लो' यानी अपनी 'सहभागिता निभाओ'। इसमें दूसरी स्थिति आदर्श स्थिति है। सफल होने के लिए अवसरों से भागो मत। उन्हें कैच करो। उन्हें समझो और उन्हें भुनाओ। ये अवसर को पकड़ना आपके लिए किसी भी सफलता की ओर बढ़ाया गया पहला कदम होता है। अगर आपने उसे छोड़ दिया तो वह अवसर दूसरे के पास चला जाएगा। उसके बाद आपके पास सिवाय 'काश मैं ऐसा कर लेता' यानी पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

मुश्किलें हिम्मत और बढ़ाती हैं
जीत निश्चित हो तो कायर भी लड़ते हैं। बहादुर वो होते हैं जो हार निश्चित हो तो भी हौसला नहीं छोड़ते हैं और मैदान में डटे रहते हैं। उन्हें जीत भले ही ना ​मिले लेकिन वो मिसाल जरूर बनते हैं। सफर में मुश्किलें आए तो हिम्मत और बढ़ती है। कोई अगर रास्ता रोके तो जुर्रत और बढ़ती है। इंसान अगर बिकने पर आ जाए तो अक्सर उसकी कीमत घट जाती है। ना बिकने का इरादा हो तो कीमत बढ़ जाती है। तकदीर बदल जाती है जब जिंदगी में कोई मकसद हो। अन्यथा उम्र कट जाती है तकदीर को इज्जाम देते देते। 

No comments:

Post a Comment